हिन्दु मस्जिद विरोधी नहीं
"हिन्दु मस्जिद विरोधी नहीं"
*हिंदू समाज मस्जिद विरोधी नहीं*
जब जब अयोध्या का मामला आता है तो भारत ही नहीं अभी तो पूरे विश्व में हिंदू-मुस्लिम विवाद जैसा माहौल दिखाई देने लगता है। आपस में एक दूसरे को ना देखें ,आपस में क्रोध की भावना हो ऐसा पर्यावरण निर्मित कर दिया जाता है।
जैसे आप सभी को पता ही होगा कि अयोध्या में लगभग 18 मस्जिदे हैं इन मस्जिदों के ऊपर कभी भी हिंदू समाज का ध्यानाकर्षण नहीं होता है क्योंकि हिंदू समाज को मस्जिद से नफरत ही नहीं है।
अधिकांश हिंदू समाज के लोग मस्जिदों को रौनक करने में अपनी सहभागिता देते हैं। यदि हिंदू समाज पूरे भारत के कुल मस्जिदों मैं एक विवादित ढांचा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है तो उसके पीछे उनका आस्था का प्रश्न है, ऐसा आस्था है जो अपने आराध्य का है। एक ऐसा आराध्य जिसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा गया है। जिसके जीवन चरित्र का आत्मसात करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है।
बहुत ही दुख लगता है जब इमाम ए हिंद अर्थात श्री रामचंद्र जी के जन्म स्थान पर मुसलमान विवाद करते हैं। यह मुसलमान कुछ तथाकथित मुसलमान ही हैं। भारत के समस्त मुसलमानों का इन से तुलना करना उचित नहीं है। कुछ ऐसे स्वार्थी मुसलमान है और कुछ ऐसे राजनीतिक संगठन है जो अपनी दुकानें चलाने के लिए पाप का कार्य कर रहें हैं।
हम सभी भारतीयों को लगभग पता ही है कि लगभग 490 वर्षों से इस पावन भूमि में भव्य मंदिर निर्माण के लिए विवाद चला आ रहा है। आप सभी को पता ही है कि भारत हिंदू बहुसंख्यक देश है यदि यह हिंदू समाज चाहता तो महज कुछ घंटों में ही भव्य मंदिर निर्माण हो सकता है लेकिन हिंदू समाज सहिष्णु समाज है और यह समाज न्यायालय का सम्मान भी करता है तभी तो इतने वर्षों से अपने आराध्य का मंदिर निर्माण करने में विलंब कर रहे हैं।
जब किसी के हक अधिकार में दूसरा समाज अपना अधिकार समझता है तो यह कदापि उचित ही नहीं है, अन्याय हैं,घोर अन्याय है। और विवादित मुसलमान कहते हैं कि हम सच्चे मुसलमान हैं।
आज पूरे मुस्लिम समाज को चाहिए कि अयोध्या में विवादित ढांचे के समस्या का सहर्ष समाधान कर दें और वहां पर भव्य राम मंदिर का निर्माण करायें। हिंदू समाज का जो अपमान हुआ है उस पर अपना खेद व्यक्त करें ।
आइए इस्लाम की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कुछ कदम आगे बढ़ाते है कुछ मैं चलता हूं, कुछ आप चलो, कुछ मैं साथ देता हूं कुछ साथ आप दो, मंदिर बनाकर उनका हक दे, हम मस्जिद आबाद करने वाले बने, मंदिर तोड़ने वाले नहीं ।
#ahamadguruji
*हिंदू समाज मस्जिद विरोधी नहीं*
जब जब अयोध्या का मामला आता है तो भारत ही नहीं अभी तो पूरे विश्व में हिंदू-मुस्लिम विवाद जैसा माहौल दिखाई देने लगता है। आपस में एक दूसरे को ना देखें ,आपस में क्रोध की भावना हो ऐसा पर्यावरण निर्मित कर दिया जाता है।
जैसे आप सभी को पता ही होगा कि अयोध्या में लगभग 18 मस्जिदे हैं इन मस्जिदों के ऊपर कभी भी हिंदू समाज का ध्यानाकर्षण नहीं होता है क्योंकि हिंदू समाज को मस्जिद से नफरत ही नहीं है।
अधिकांश हिंदू समाज के लोग मस्जिदों को रौनक करने में अपनी सहभागिता देते हैं। यदि हिंदू समाज पूरे भारत के कुल मस्जिदों मैं एक विवादित ढांचा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है तो उसके पीछे उनका आस्था का प्रश्न है, ऐसा आस्था है जो अपने आराध्य का है। एक ऐसा आराध्य जिसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा गया है। जिसके जीवन चरित्र का आत्मसात करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है।
बहुत ही दुख लगता है जब इमाम ए हिंद अर्थात श्री रामचंद्र जी के जन्म स्थान पर मुसलमान विवाद करते हैं। यह मुसलमान कुछ तथाकथित मुसलमान ही हैं। भारत के समस्त मुसलमानों का इन से तुलना करना उचित नहीं है। कुछ ऐसे स्वार्थी मुसलमान है और कुछ ऐसे राजनीतिक संगठन है जो अपनी दुकानें चलाने के लिए पाप का कार्य कर रहें हैं।
हम सभी भारतीयों को लगभग पता ही है कि लगभग 490 वर्षों से इस पावन भूमि में भव्य मंदिर निर्माण के लिए विवाद चला आ रहा है। आप सभी को पता ही है कि भारत हिंदू बहुसंख्यक देश है यदि यह हिंदू समाज चाहता तो महज कुछ घंटों में ही भव्य मंदिर निर्माण हो सकता है लेकिन हिंदू समाज सहिष्णु समाज है और यह समाज न्यायालय का सम्मान भी करता है तभी तो इतने वर्षों से अपने आराध्य का मंदिर निर्माण करने में विलंब कर रहे हैं।
जब किसी के हक अधिकार में दूसरा समाज अपना अधिकार समझता है तो यह कदापि उचित ही नहीं है, अन्याय हैं,घोर अन्याय है। और विवादित मुसलमान कहते हैं कि हम सच्चे मुसलमान हैं।
आज पूरे मुस्लिम समाज को चाहिए कि अयोध्या में विवादित ढांचे के समस्या का सहर्ष समाधान कर दें और वहां पर भव्य राम मंदिर का निर्माण करायें। हिंदू समाज का जो अपमान हुआ है उस पर अपना खेद व्यक्त करें ।
आइए इस्लाम की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कुछ कदम आगे बढ़ाते है कुछ मैं चलता हूं, कुछ आप चलो, कुछ मैं साथ देता हूं कुछ साथ आप दो, मंदिर बनाकर उनका हक दे, हम मस्जिद आबाद करने वाले बने, मंदिर तोड़ने वाले नहीं ।
#ahamadguruji
Comments
Post a Comment