देश हित में विचार करने वालों को अवसर.....!
आज पूरा देश चुनावी खेल में व्यस्त है। बहुत सारे जनमानस इस खेल का आनंद उठा रहे हैं। जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि किसी भी खेल में एक पक्ष की जीत और दूसरे पक्ष का हार होता है। जितने वाला शासन में रहकर अपने विचारों कर्तव्यों का निर्वहन करता है और हरने वाला अपने विचारों एवं कर्तव्यों निर्वहन के लिए विपक्ष की भुमिका में कार्य करता। यदि उपरोक्त प्रक्रिया में शासन योग्य एवं कुशल नेतृत्व के अधीन रहता है तो राष्ट्र के विकास व वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करने हेतु कार्य करता है जबकि ठीक इसके विपरीत अकुशल स्वार्थी नेतृत्व प्राप्त होने पर राष्ट्र का विकास, मान-सम्मान व प्रतिष्ठा में प्रश्नवाचक लगता रहता है।विश्व में अपनी मातृभूमि का मान-सम्मान सर्वश्रेष्ठ स्थान लाए ऐसे नेतृत्व को अवसर देना चाहिए। राष्ट्र के सम्मान से स्वयं का सम्मान, राष्ट्र के विकास से स्वयं का विकास स्वतः होता है। इसलिए प्रिय साथियों इस खेल में योग्य एवं कुशल खिलाड़ियों को अवसर देख कर स्वयं के हित के साथ-साथ राष्ट्रहित में कार्य करें। धन्यवाद।