Posts

इश्क़ का रंग -मादरे वतन हिन्दुस्तान के संग

इश्क़ का रंग - मादरे वतन हिन्दुस्तान के संग कोई कहता है कि तुमने शिर्क किया ..... कोई कहता है कि तुमने कुफ्र किया...... कोई कहता है कि तुमने हराम किया..... कोई कहता है कि तुम काफिर हो........ कोई कहता है कि तुम मुसलमानों के दुश्मन हो ... मैनें सिर्फ इतना ही कहा कि " अल्लाह ही मेरा माबुद है और उनके रसुल मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे व सल्लम से इश्क़ है" मैने फरमाने इल्लाही के मुताबिक तमाम अम्बिया (नबी/अवतार) का अदब व एहतराम किया.... मैने फरमाने रसुल (स.अ.व)के मुताबिक अपने मादरे वतन हिन्दुस्तान से मोहब्बत किया...... हाँ मैने बस इतना ही गुनाह किया ,बस इतना ही गुनाह किया । . . . . . . . और हाँ मैं इतना गुनाह करते ही रहुँगा.. गुनाह करते ही रहुँगा। मादरे वतन हिन्दुस्तान जिन्दाबाद .. लाइल्लाहा इलल्ला मुहम्मदुर्रसुल अल्लाह #अहमदगुरूजी

राष्ट्र रत्न वीर विनायक दामोदर सावरकर

Image
मां भारती के वीर सपूत विनायक दामोदर सावरकर को महात्मा कहना भारतीय समाज के लिए न्याय व सम्मान होगा। जिनके महान विचारों के फलस्वरूप आज का हमारा राष्ट्रवाद टिका है। वीर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख सेनानी, प्रखर राष्ट्रीयता के गुणों से ओतप्रोत व्यक्तित्व थे परंतु तत्कालीन और वर्तमान राजनीतिक स्वार्थों के कारण वीर सावरकर का अनादर किया गया और किया जा रहा है। यह वीर सावरकर के साथ-साथ मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण रखने वालों का भी अपमान है। वीर सावरकर अखंड भारत के समर्थक थे। वे मां भारती को गुलामी के जंजीरों से आजाद कराना चाहते थे। कट्टरपंथी मुगलों के वंशजों और अंग्रेजों के विरोधी थे और भारत को नुकसान पहुंचाने वाले सभी तत्वों और कारकों के विरोधी थे जो राष्ट्र की एकता अखंडता को कमजोर करता हो। कुछ लोग कहते हैं कि वे अंग्रेजों के सामने घुटने टेक दिए, यह सरासर गलत है, अनुचित है, निरर्थक है। मैं कहना चाहता हूं कि वह अंग्रेजों के और तत्कालीन स्वार्थी नेताओं के सबसे बड़ी समस्या थे। इसलिए कुछ लोगों ने साजिश कर उन्हें परेशान कराया गया। उनके विरुद्ध भ्रम फैलाकर उनकी लोकप्रियता को कम...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई...

Image
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई जिनके इश्क में हुआ मैं कुरबान जिनके दीदार से ही खुदा होता मेहरबान जिनके विलादत में झुमें जमीनो आसमां उनकी अजमतो को लाखों सलाम जिसनें किया इश्के हक़, है उसका उम्मती ना मिटा है ना मिटेगा इंसानियत तेरे दर से कभी....... इमामें इश्क क़ायदे आजम ए हिन्द साहिबे किताबुल अमल सरदारें इंसानियत ए हक़ फातेह जंग ए अजीम मददगार ए मिस्क़ीन राहे हक़ के उस्ताद अपनों के अपने गिरते को सहारा देने वाले तमाम जहां में खुशियाँ बाँटने वाले हमारे गमों को दुर करने वाले हजरत जनाब देवकीनंदन श्रीकृष्ण इब्ने जनाब वासुदेव तमाम जहां को राहे हक़ में चलाने वाले सर-जमीने हिन्दुस्तान के प्यारे नबी के यौमे विलादत पर दुनिया जहां के तमाम लोगों को पुरख्लुस मुबारकबाद.... ahamadguruji

भारतीय उपासना स्थलों के लिए न्याय....

*जय भारत....हम सब भारतीय नबियों और अपने प्राचीन धरोहर पूजा स्थलों के सम्मान व इंसाफ लिए अहिंसात्मक कदम बढ़ायें* * उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991* के धारा 4 में स्पष्ट किया गया है कि 15 अगस्त 1947 में उपलब्ध उपासना स्थल का धार्मिक स्वरूप वैसा ही बना रहेगा जैसे वह उस दिन उपलब्ध था या मौजूद था और यह भी स्पष्ट किया गया है कि अयोध्या को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में 15 अगस्त 1947 से मौजूद कोई भी उपासना स्थल न्यायिक विवाद की सीमा में नहीं होगा तथा पहले से चले आ रहे हैं न्यायिक विवाद मान्य नहीं होंगे और ना ही उपासना स्थल से किसी प्रकार की छेड़छाड़ मान्य होगी। उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 भारत की धरती में विषारोपण हुआ जो आज एक भयावह वृक्ष बन चुका यह नियम संविधान में रहना ही नहीं चाहिए परंतु यह हमारा दुर्भाग्य है। तत्कालीन नरसिम्हा राव की सरकार ने उपासना स्थलों से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं किया अपितु उन्होंने सदैव के लिए धार्मिक समुदायों में अलगाव व नफरत की जड़े स्थापित कर दिया। तत्कालीन सरकार समस्याओं को समाप्त करने की कोशिश किये होते तो आज भारत की स्थिति अलग ह...

भारत_के_नबियों_को_सम्मान_कब_इंसाफ_कब

*भारत के नबियों को सम्मान कब, इंसाफ कब* नबी वह होते हैं जो भटके हुए लोगों को सद्मार्ग और इंसानियत का रास्ता दिखाते हैं अल्लाह पाक परवरदिगार वह परम परमेश्वर अपने नबियों में भारत भूमि मे जीवन निर्वाह करने वालों(कौम) के लिए भी निसंदेह नबी भेजे होंगे  यह:-------   ******************************************* कुरान पाक के सूर फातिर 35 आयत नं 24 मे       उल्लेख है कि हर कौम में एक डर सुनाने( सद्मार्ग हेतु प्रेरित करना) वाला गुजर चुका है। ********************************************  से सिद्ध होता है। आखिर नबी ए पाक मोहम्मद साहब(स.अ.व) से पहले के नबियों पर इमान रखना ,उनका सम्मान करना इस्लाम के हद में शामिल है। जब उपरोक्त सभी बातें हम सब मानने के लिए तैयार रहते हैं तो फिर भारत के नबियों का सम्मान कब होगा, इन्हें इंसाफ कैसे मिलेगा। इस तरफ हमारा ध्यान ही नही आता है। आज श्री राम के उम्मती उनके जन्म स्थान के लिए न्यायालय के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं तो कही कुछ भी नही हो रहा है। ए भारत के मुसलमानों हम सब को भारतीय नबियों का सम्मान करना चाहिए।जो आज हमा...

राम सबके

जग_मंगल_गुन_ग्राम_राम_के । दान_मुकुति_धन_धरम_धाम_के ।। #जय_श्री_राम" कहने मात्र से लोगो का कष्ट दूर हो जाता है। ***************************************** श्री रामजी का जीवन गुण जगत का कल्याण करने        वाला है ,मुक्ति,धन,धर्म और परम धाम देने वाला है। ***************************************** जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम रामचन्द्रजी का जीवनगुण पता नही जिन्हें हिन्दुत्व ही पता नही है, वही धर्म को बदनाम कर  सकता है।चाहे वह हिन्दू या मुसलमान नाम से कोई भी हो। #अल्लाहु_अकबर के नारों से पाप ,आतंक फैलाने का काम चलाया ही जा रहा है और अब #जय_श्रीराम के नारों का भी दुरुपयोग करने की संभावना बढ़ रही है। सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि इससे #हिन्दूमुस्लिम को लड़ाने की नही #देश तोड़ने की साजिशें चल रही है। ahamadguruji

हिन्दु मस्जिद विरोधी नहीं

"हिन्दु मस्जिद विरोधी नहीं" * हिंदू समाज मस्जिद विरोधी नहीं*  जब जब अयोध्या का मामला आता है तो भारत ही नहीं अभी तो पूरे विश्व में हिंदू-मुस्लिम विवाद जैसा माहौल दिखाई देने लगता है। आपस में एक दूसरे को ना देखें ,आपस में क्रोध की भावना हो ऐसा पर्यावरण निर्मित कर दिया जाता है। जैसे आप सभी को पता ही होगा कि अयोध्या में लगभग 18 मस्जिदे हैं इन मस्जिदों के ऊपर कभी भी हिंदू समाज का ध्यानाकर्षण नहीं होता है क्योंकि हिंदू समाज को मस्जिद से नफरत ही नहीं है। अधिकांश हिंदू समाज के लोग मस्जिदों को रौनक करने में अपनी सहभागिता देते हैं। यदि हिंदू समाज पूरे भारत के कुल मस्जिदों मैं एक विवादित ढांचा  पर प्रश्नचिन्ह लगाता है तो उसके पीछे उनका आस्था का प्रश्न है, ऐसा आस्था है जो अपने आराध्य का है। एक ऐसा आराध्य जिसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा गया है। जिसके जीवन चरित्र का आत्मसात करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है। बहुत ही दुख लगता है जब इमाम ए हिंद अर्थात श्री रामचंद्र जी के जन्म स्थान पर मुसलमान विवाद करते हैं। यह मुसलमान कुछ तथाकथित मुसलमान ही हैं। भारत के समस्त मुसलमानों का इन से...