इश्क़ का रंग -मादरे वतन हिन्दुस्तान के संग
इश्क़ का रंग - मादरे वतन हिन्दुस्तान के संग कोई कहता है कि तुमने शिर्क किया ..... कोई कहता है कि तुमने कुफ्र किया...... कोई कहता है कि तुमने हराम किया..... कोई कहता है कि तुम काफिर हो........ कोई कहता है कि तुम मुसलमानों के दुश्मन हो ... मैनें सिर्फ इतना ही कहा कि " अल्लाह ही मेरा माबुद है और उनके रसुल मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे व सल्लम से इश्क़ है" मैने फरमाने इल्लाही के मुताबिक तमाम अम्बिया (नबी/अवतार) का अदब व एहतराम किया.... मैने फरमाने रसुल (स.अ.व)के मुताबिक अपने मादरे वतन हिन्दुस्तान से मोहब्बत किया...... हाँ मैने बस इतना ही गुनाह किया ,बस इतना ही गुनाह किया । . . . . . . . और हाँ मैं इतना गुनाह करते ही रहुँगा.. गुनाह करते ही रहुँगा। मादरे वतन हिन्दुस्तान जिन्दाबाद .. लाइल्लाहा इलल्ला मुहम्मदुर्रसुल अल्लाह #अहमदगुरूजी